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महाभारत की संक्षिप्त कथा

महाभारत प्राचीन भारत का सबसे बड़ा महाकाव्य है। ये एक धार्मिक ग्रन्थ भी है। इसमें उस समय का इतिहास लगभग १,११,००० श्लोकों में लिखा हुआ है। इस की पूर्ण कथा का संक्षेप इस प्रकार से है।
1चन्द्रवंश से कुरुवंश तक की उत्पत्ति 2पाण्डु का राज्य अभिषेक 3कर्ण का जन्म, लाक्षाग्रह षड्यंत्र तथा द्रौपदी स्वयंवर 4इन्द्रप्रस्थ की स्थापना 5पाण्डवों की विश्व विजय और उनका वनवास 6शांति दूत श्रीकृष्ण, युद्ध की शुरुवात तथा श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को उपदेश 7भीष्म द्रोण वध 8कर्ण, शल्य और दुर्योधन वध 9दुर्योधन वध और महाभारत युद्ध की समाप्ति 10यदुकुल का संहार और पाण्डवों का स्वर्गगमन 11कुरुवंश वृक्ष चन्द्रवंश से कुरुवंश तक की उत्पत्ति पुराणो के अनुसार ब्रह्मा जी से अत्रि, अत्रि से चन्द्रमा, चन्द्रमा से बुध और बुध से इलानन्दन पुरूरवा का जन्म हुआ। पुरूरवा से आयु, आयु से राजा नहुष और नहुष से ययाति उत्पन्न हुए। ययाति से पुरू हुए। पूरू के वंश में भरत और भरत के कुल में राजा कुरु हुए। कुरु के वंश में शान्तनु का जन्म हुआ। शान्तनु से गंगानन्दन भीष्म उत्पन्न हुए। उनके दो छोटे भाई और थे - चित्रांगद और विचित्रवीर्य। ये शान…