पोस्ट

लोककथाएँ लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

लोक कथाएँ | Folk-stories

Panchatantra Tenali Ramalinga Festivals Bhetala Akbar Birbal कथासाहित्य (संस्कृत) हितोपदेश सिंहासन बत्तीसी बेताल पच्चीसी कथासरित्सागर Folk-stories ----------------------- कहानी story, tale, fairytale, narrative, novel, novelette कथा tale, narrative, story, narration, saga, novel कथानक script, story, photoplay, scenario, underplot वृत्तांत chronicle, story, event, history, incident, incidental खंड section, segment, block, part, fragment, piece फसाना story, long narrative उपकथा episode, tale, story, page अफ़साना tale, story, novelette, narrative उपन्यास का कथानक intrigue, story, plot जीवनी biography, life, personalia, story नाटक की कथा का आधार story मंज़िल destination, stage, story, storey, halt, leg

एक और एक ग्यारह

एक बार की बात हैं कि बनगिरी के घने जंगल में एक उन्मुत्त हाथी ने भारी उत्पात मचा रखा था। वह अपनी ताकत के नशे में चूर होने के कारण किसी को कुछ नेहीं समझता था। बनगिरी में ही एक पेड पर एक चिडिया व चिडे का छोटा-सा सुखी संसार था। चिडिया अंडो पर बैठी नन्हें-नन्हें प्यारे बच्चों के निकलने के सुनहरे सपने देखती रहती। एक दिन क्रूर हाथी गरजता, चिंघाडता पेडों को तोडता-मरोडता उसी ओर आया। देखते ही देखते उसने चिडिया के घोंसले वाला पेड भी तोड डाला। घोंसला नीचे आ गिरा। अंडे टूट गए और ऊपर से हाथी का पैर उस पर पडा। चिडिया और चिडा चीखने चिल्लाने के सिवा और कुछ न कर सके। हाथी के जाने के बाद चिडिया छाती पीट-पीटकर रोने लगी। तभी वहां कठफोठवी आई। वह चिडिया की अच्छी मित्र थी। कठफोडवी ने उनके रोने का कारण पूछा तो चिडिया ने अपनी सारी कहानी कह डाली। कठफोडवी बोली “इस प्रकार गम में डूबे रहने से कुछ नहीं होगा। उस हाथी को सबक सिखाने के लिए हमे कुछ करना होगा।” चिडिया ने निराशा दिखाई “हमें छोटे-मोटे जीव उस बलशाली हाथी से कैसे टक्कर ले सकते हैं?” कठफोडवी ने समझाया “एक और एक मिलकर ग्यारह बनते हैं। हम अपनी शक्तिया